श्रावस्ती। इकौना थाना क्षेत्र में हुए बब्बन पांडे हत्याकांड में अदालत ने छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि, इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम चिरैधापुर दाखिला मोहम्मदपुरवा की निवासी वादिनी ने थाना इकौना में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 01 जनवरी 2020 को करीब 11 बजे दिन में उसका पति बब्बन पांडे गांव के ही कौशल मिश्रा उर्फ ननकुन्ने व अटल बिहारी के साथ एक ही मोटरसाइकिल से इकौना जा रहे थे। गांव से निकलते ही पीर बाबा मजार के पास गांव के ही पंकज पांडे, गणेश दत्त, साहब शरण पांडे, राजमणि पांडे, उमेश उर्फ शिवमणि और महेश पांडे ने उन्हें रोक लिया। बब्बन पांडे के मोटरसाइकिल से उतरते ही सभी आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। कुछ के हाथ में लाठी, कुछ के हाथ में फरसा था, जबकि उमेश उर्फ शिवमणि के हाथ में तमंचा और महेश के हाथ में चाकू था।
आरोप है कि सभी आरोपियों ने ललकारते हुए बब्बन पांडे पर हमला कर दिया। इसी दौरान उमेश उर्फ शिवमणि ने तमंचे से बब्बन पांडे की कनपटी पर गोली मार दी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। भागते समय उमेश की मोटरसाइकिल स्टार्ट नहीं हुई तो वह मृतक की मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया और अपनी मोटरसाइकिल घटनास्थल पर ही छोड़ गया।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) अमित कुमार प्रजापति की अदालत में हुई। अदालत ने सभी छह आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 148 आईपीसी के तहत प्रत्येक आरोपी को पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। वहीं उमेश उर्फ शिवमणि और महेश को आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत तीन-तीन वर्ष की सजा व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं अलग-अलग चलेंगी, पहले छोटी सजा भुगतनी होगी, इसके बाद आजीवन कारावास की सजा चलेगी।









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