बहराइच। यूपी के बहराइच में 13 अक्टूबर 2024 को मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान हुए पथराव और फायरिंग की घटना में रामगोपाल मिश्र की मौत के बहुचर्चित मामले में आज अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी सरफराज उर्फ रिंकू को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि शेष 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले ने पीड़ित परिवार और स्थानीय समुदाय के लंबे समय से चले आ रहे इंतजार को समाप्त कर दिया।
मामले में पहले ही अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया था, जिनमें अब्दुल हमीद, फहीम, तालिब उर्फ सबलू, सैफ अली, जावेद, जिशान उर्फ राजा, शोएब खान, ननकऊ और मारूफ अली शामिल थे। अदालत ने घटना को योजनाबद्ध, गंभीर और समाज में भय फैलाने वाला बताया, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी सरफराज को मृत्यु दंड दिया गया। बाकी नौ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। वहीं, इस मामले में खुर्शीद, शकील अहमद उर्फ बब्लू और मोहम्मद अफजल उर्फ कल्लू को साक्ष्यों के अभाव में पहले ही बरी कर दिया गया था।
फैसले के दौरान कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, क्योंकि घटना के बाद से ही यह मामला सामाजिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा था। फैसले के बाद कचहरी परिसर के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही और पीड़ित परिवार ने अदालत के निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब “वास्तविक न्याय” मिला है।
यह मामला जिले में सांप्रदायिक तनाव और कानून-व्यवस्था को लेकर लंबे समय से चर्चा में था। अदालत के फैसले के साथ अब कानूनी प्रक्रिया का एक बड़ा चरण पूरा हो गया है।









Users Today : 7