श्रावस्ती। गिलौला के कृष्ण लली सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मंडल स्तरीय विराट हिंदू सम्मेलन एवं समरसता भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अयोध्या धाम से पधारे पूज्य विष्णुदेवाचार्य ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रांत के प्रांत प्रचारक कौशल जी ने कहा कि द्वापर युग में युद्ध शक्ति का आधार था, सतयुग में तपस्या शक्ति थी, जबकि कलयुग में संगठन ही शक्ति का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना कर गुरु पुत्रों ने सर्वस्व बलिदान दिया, जिनके कारण आज हिंदू समाज सुरक्षित है। और संगठित हिंदू समाज ही स्थायी राष्ट्र की सुरक्षा की गारंटी है। इसके साथ ही इन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर निर्धारित पांच प्रमुख विषयों जैसे सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध, पर्यावरण संरक्षण तथा आदर्श नागरिक के कर्तव्य एवं अधिकार पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
वहीं ब्रह्मकुमारीज संस्थान से पधारी बी.के. शकुंतला दीदी ने अपने संबोधन में जीवन में आध्यात्मिकता के महत्व पर बल देते हुए आत्मिक शांति और सकारात्मक सोच को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूज्य विष्णुदेवाचार्य ने कहा कि जब-जब हिंदू समाज असंगठित हुआ, तब-तब राष्ट्र पर संकट आए। उन्होंने कहा कि श्रावस्ती महाराजा सुहेलदेव की भूमि है, जिन्होंने सय्यद सालार मसूद गाजी को सेना सहित पराजित किया। उन्होंने कहा कि यदि आतंकी और विधर्मी ताकतों से मुकाबला करना है तो हिंदू समाज को संगठित रहना होगा।
कार्यक्रम का संयोजन राजीव कुमार पांडेय, जिला प्रमुख सेवाभारती (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार जी, जिला प्रचारक भानु जी, जिला टोली से कुलदीप, अजय, अंकित, दिवाकर, वासुकीनाथ, सूरज, निर्भय सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। इसके अलावा विद्या भारती के प्रांतीय सह मंत्री धनीराम अवस्थी, श्रावस्ती संभाग के संभाग निरीक्षक कैलाश चंद्र वर्मा, विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र भी उपस्थित रहे।









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